श्रमिक कार्ड से मिलने वाली योजनाओ के लाभ

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श्रमिक कार्ड से मिलने वाली योजनाओ के लाभ-


1.निर्माण श्रमिक जीवन व भविष्य सुरक्षा योजना-

लाभ-

1 प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अन्तर्गत हिताधिकारी द्वारा स्वयं के बचत बैंक खाते से कटौती कराई गई वार्षिक प्रीमियम राशि 12.00 रूपये  का शतप्रतिशत पुनर्भरण मण्डल द्वारा किया जायेगा।
2 प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अन्तर्गत पात्र हिताधिकारी द्वारा स्वयं के बचत बैंक खाते से कटौति कराई गई वार्षिक प्रीमियम राशि 330.00 रूपये के 50 प्रतिशत, अर्थात् 165.00 रूपये का पुनर्भरण मण्डल द्वारा किया जायेगा।

1 हिताधिकारी द्वारा योजना के अन्तर्गत निर्धारित आवेदन-पत्र (प्रपत्र-1) में आवेदन पत्र भरकर स्थानीय श्रम कार्यालय अथवा मण्डल सचिव द्वारा अधिकृत अन्य अधिकारी अथवा अन्य विभाग के अधिकारी के कार्यालय में निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करना होगा।

2  आवेदन पत्र ऑनलाइन भी प्रस्तुत किया जा सकेगा। 

3 आवेदन पत्र प्रस्तुत करने की समयावधि- आवेदन पत्र, अंशदान या प्रीमियम राशि हिताधिकारी के बैंक बचत खाते से कटौति किये जाने के वित्तीय वर्ष की समाप्ति से, एक वर्ष की अवधि में किया जा सकेगा।

पात्रता -

ü  मण्डल में हिताधिकारी के रूप में पंजीकृत निर्माण श्रमिक हो।



ü  हिताधिकारी के
नाम में बैंक में बचत खाता हो।



ü

     2.निर्माण श्रमिक शिक्षा व कौशल विकास योजना-

लाभ -

छात्रवृति 
1 कक्षा 6 -8 
छात्र – रु 8000/-
छात्रा / विशेष योग्यजन – रु 9000/- 
2 कक्षा 9 -12 
छात्र – रु 9000/-
छात्रा / विशेष योग्यजन – रु 10000/-
3 आई टी आई 
छात्र – रु 9000/-
छात्रा/ विशेष योग्यजन – रु 10000/- 
4 डिप्लोमा 
छात्र – रु 10000/-
  छात्रा/ विशेष योग्यजन – रु 11000/- 
5 स्नातक (सामान्य) 
छात्र – रु 13000/-
  छात्रा/ विशेष योग्यजन – रु 15000/- 
6 स्नातक (प्रॉफेश्नल)*
छात्र – रु 18000/-
  छात्रा/ विशेष योग्यजन – रु 20000/- 
7 स्नातकोत्तर (सामान्य)
छात्र – रु 15000/-
  छात्रा/ विशेष योग्यजन – रु 17000/- 
8 स्नातकोत्तर (प्रॉफेश्नल)
छात्र – रु 23000/-
  छात्रा/ विशेष योग्यजन – रु 25000/- 

मेधावी छात्र/छात्राओं को नकद पुरस्कार
1 कक्षा 8 से 10 – रु. 4000/-
2 कक्षा 11 से 12 – रु. 6000/-
3 डिप्लोमा – रु. 10000/-
4 स्नातक – रु. 8000/-
5 स्नातकोत्तर – रु. 12000/- 
6 स्नातक (प्रॉफेश्नल) – रु. 25000/- 
7 स्नातकोत्तर (प्रॉफेश्नल) – रु. 35000/-


लाभ लेने की प्रक्रिया -

1 प्रत्येक छात्र/छात्रा को छात्रवृत्ति पाने हेतु निर्धारित प्रपत्र (प्रपत्र-1) में आवेदन पत्र भरकर स्थानीय श्रम कार्यालय अथवा मण्डल सचिव द्वारा अधिकृत अन्य अधिकारी/अन्य विभाग के अधिकारी के कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा। 
2 निर्धारित समयावधि में आवेदन पत्र ऑनलाइन भी प्रस्तुत किया जा सकेगा।
3 आवेदन पत्र प्रस्तुत करने की समयावधि- आवेदन पत्र कक्षा उतीर्ण करने की तिथि से अधिकतम् 6 माह की अवधि में अथवा तत्पश्चात् आने वाली 31 मार्च तक, जो भी बाद में हो, प्रस्तुत किया जा सकेगा। 


पात्रता -

1 मण्डल में हिताधिकारी के रूप में पंजीकृत निर्माण श्रमिक होय
;
2. किसी वर्ष के लिए छात्रवृत्ति सुसंगत परीक्षा उत्तीर्ण कर लेने पश्चात् ही देय होगी;
3. ग्रीष्म अवकाश के बाद शिक्षण/प्रशिक्षण संस्था खुलने पर छात्र/छात्रा द्वारा आगामी कक्षा में प्रवेश प्राप्त करने पर ही छात्रवृत्ति की पात्रता होगी। परन्तु 12वीं कक्षा, डिप्लोमा, स्नातक अथवा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की अन्तिम परीक्षा उत्तीर्ण करने की स्थिति में आगामी कक्षा में प्रवेष लेना आवष्यक नहीं होगा;

3.निर्माण श्रमिक सुलभ्य आवास योजना-

लाभ-

1 हाउसिंग फॉर ऑल मिशन (अरबन) अथवा सरकार की अफोर्डेबल हाउसिंग योजना अथवा मुख्यमंत्री जन आवास योजना अथवा केन्द्र/राज्य सरकार की अन्य किसी आवास योजना के पात्र हिताधिकारियों को, संबंधित योजना के प्रावधानानुसार, मण्डल द्वारा अधिकतम् 1.50 लाख रूपये तक की सीमा में अनुदान देय होगा।
2 स्वयं के भूखण्ड पर आवास का निर्माण करने की स्थिति में अधिकतम् 5 लाख रूपये निर्माण लागत की सीमा में, वास्तविक निर्माण लागत का 25 प्रतिशत तक, जो भी कम हो, अनुदान देय होगा।

लाभ लेने की प्रक्रिया - 

1 आवेदक को निर्धारित प्रपत्र (प्रपत्र-2) में आवेदन पत्र भरकर स्थानीय श्रम कार्यालय अथवा मण्डल सचिव द्वारा अधिकृत अन्य अधिकारी या अन्य विभाग के अधिकारी के कार्यालय में निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करना होगा; 
2 आवेदन पत्र निर्धारित प्रपत्र में ऑनलाइन भी प्रस्तुत किया जा सकेगा;
3 आवेदन पत्र प्रस्तुत करने की समयावधि- स्वयं के भूखण्ड पर आवास निर्माण तिथि से एक वर्ष की अवधि में, अथवा केन्द्र या राज्य सरकार की किसी आवास योजना में आवास प्राप्त करने की पात्रता होने के पश्चात् आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा

पात्रता -

1  मण्डल में कम से कम 1 वर्ष से हिताधिकारी के रूप में पंजीकृत निर्माण श्रमिक हो तथा अंशदान जमा कराया गया हो;
2  हिताधिकारी के पास आधार कार्ड तथा भामाशाह कार्ड हो (वैकल्पिक);
3  यदि स्वयं के भूखण्ड पर आवास बनाता है तो भूखण्ड पर स्वयं का या पत्नी/ पति का मालिकाना हक हो तथा उक्त भूखण्ड/सम्पत्ति विवाद रहित, बंधक रहित हो;

4.प्रसूति सहायता योजना-

लाभ -

हिताधिकारी महिला श्रमिक के पुत्री जन्म होने पर रूपये 21,000/- (शब्देन  इक्कीस हजार) तथा पुत्र जन्म होने पर 20,000/- (शब्देन बीस हजार) रूपये प्रसूति सहायता निर्धारित पात्रता व शर्तों के अनुसार दी जावेगी। जननी सुरक्षा योजना के अन्तर्गत नकद लाभ प्राप्त न होने की दषा में रूपये 1,000/- (शब्देन एक हजार) अतिरिक्त सहायता देय होगी। (अधिसूचना दिनांक 16.11.2015 द्वारा प्रतिस्थापित एवं संषोधन 30.09.2015 से प्रभावी)।

लाभ लेने की प्रक्रिया -

1 हिताधिकारी महिला श्रमिक द्वारा प्रपत्र ‘‘अ”  में स्थानीय जिला स्तरीय अधिकारी अथवा मण्डल सचिव द्वारा अधिकृत किये जाने वाले विभाग के अन्य अधिकारी/अन्य विभाग के अधिकारी के  कार्यालय में आवेदन भरकर  90 दिवस की समयावधि में किया जाना अनिवार्य होगा। उक्त अवधि पश्चात प्रसूति हितलाभ की पात्रता नहीं होगी। आवेदन निम्न दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत किया जाना आवष्यक होगाः- 
  (i) हिताधिकारी का आयु संबंधी प्रमाण-पत्र 
  (ii)संस्थागत प्रसव होने का प्रमाण-पत्र (अस्पताल का डिस्चार्ज टिकट)
(iii)जीवित बच्चों की संख्या बाबत घोषणा (अधिसूचना दिनांक 21.09.2015 द्वारा संषोधित)।


पात्रता -

1 महिला श्रमिक अधिनियम की धारा 13 के अंतर्गत हिताधिकारी परिचय पत्रधारी हो।
2 प्रसव के समय महिला हिताधिकारी की आयु 20 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए।

5.शुभशक्ति योजना-

लाभ-

इस योजना के अन्तर्गत पात्र महिला हिताधिकारियों तथा हिताधिकारियों की वयस्क व अविवाहिता पुत्री को 55,000 रूपये (शब्देन पचपन हजार रूपये) प्रोत्साहन/सहायता राशि देय होगी।

लाभ लेने की प्रक्रिया -

1 हिताधिकारी द्वारा विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करना होगा| अधिकृत स्वीकृतकर्ता अधिकारी को आवेदन स्वीकृति से पूर्व भौतिक सत्यापन रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करना आवश्यक होगा| 
2 आवेदन पत्र ऑनलाइन भी प्रस्तुत किया जा सकेगा। 
3 आवेदन पत्र प्रस्तुत करने की समयावधि- आवेदन पत्र हिताधिकारी द्वारा पंजीयन की तिथि से एक वर्ष की  अवधि पूरी होने के पश्चात् तथा अविवाहिता पुत्री की आयु 18 वर्ष पूर्ण होने की तिथि से 6 माह की अवधि में अथवा योजना लागू होने की तिथि से 6 माह की अवधि में, जो भी लागू हो, प्रस्तुत किया जा सकेगा।

पात्रता -

1 लड़की के पिता या माता अथवा दोनों, कम से कम एक वर्ष से मण्डल में पंजीकृत हिताधिकारी/निर्माण श्रमिक हों;
2 हिताधिकारी की अधिकतम् दो पुत्रियों अथवा महिला हिताधिकारी को और उसकी एक पुत्री को प्रोत्साहन राशि देय होगी;
3 महिला हिताधिकारी अविवाहिता हो अथवा हिताधिकारी पुत्री की आयु न्यूनतम् 18 वर्ष पूर्ण हो गई हो तथा वह अविवाहिता हो;
4 हिताधिकारी की पुत्री/महिला हिताधिकारी कम से कम 8वीं कक्षा उर्त्तीण हो;
5 हिताधिकारी की पुत्री/महिला हिताधिकारी के नाम से बचत बैंक खाता हो;
6 हिताधिकारी का स्वयं का आवास होने की स्थिति में, आवास में शौचालय हो;
7      आवेदन की तिथि से पूर्व के एक वर्ष की अवधि में हिताधिकारी कम से कम 90 दिन निर्माण श्रमिक के रूप में कार्यरत रहा हो;


6.सिलिकोसिस पीड़ित हिताधिकारियो हेतु सहायता योजना -

इस योजना में  आवेदक 1 से 3 लाख रूपए प्राप्त कर सकते है और केवल वे ही श्रमिक आवेदन कर सकते है जो निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीकर्त है 

लिंक -सिलिकोसिस पीड़ित हिताधिकारियो हेतु सहायता योजना

7.हिताधिकारी की सामान्य अथवा दुर्घटना में मृत्यु या घायल होने की दशा-

योजना के लाभ -

हिताधिकारी निर्माण श्रमिक की सामान्य मृत्यु अथवा दुर्घटना में (मृत्यु या घायल होने की दशा में) निम्नानुसार सहायता राशि दी जावेगीः- (1)दुर्घटना में मृत्यु होने पर रु. 5,00,000/- (2)दुर्घटना में स्थायी पूर्ण अपंगता होने पर रु. 3,00,000/- स्थायी पूर्ण अपंगता से तात्पर्य दुर्घटना में दो आंख या दोनों हाथ या दोनों पांव के अक्षम होने से है। (3)दुर्घटना में आंशिक स्थायी अपंगता होने पर रु. 1,00,000/- स्थायी आंशिक अपंगता से तात्पर्य एक आंख एक हाथ या एक पांव अक्षम होने से है।  (4)दुर्घटना में गंभीर रुप से घायल होने पर रु0 20,000/- तक दुर्घटना में गंभीर रुप से घायल होने से तात्पर्य हिताधिकारी के कम से कम 5  दिन तक अस्पताल में अन्तरंग रोगी के रुप में भर्ती रहने से है। गंभीर रुप से घायल होने का निर्धारण मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी प्रमाण-पत्र के आधार पर किया जावेगा। हड्डी टूटने की दशा में भर्ती होना आवश्क नहीं है केवल चिकित्सक दवारा कार्य करने में असमर्थता का प्रमाण पत्र ही पर्याप्त है  (5)दुर्घटना में साधारण रुप से घायल होने पर रु0 5000/- तक साधारण रुप से घायल होने से तात्पर्य 5 दिवस से कम अवधि तक अस्पताल में अन्तरंग रोगी के रुप में भर्ती होने से है। 
(6)हड्डी टूटने पर 2000 रु कम से कम 3 दिन तक  कार्य करने में असमर्थता का प्रमाण पत्र देय है
(7)हड्डी टूटने पर 4000रु 4 -7  दिन तक  कार्य करने में असमर्थता का प्रमाण पत्र देय है
(8)हड्डी टूटने पर 8000  रु  8 -14  दिन तक  कार्य करने में असमर्थता का प्रमाण पत्र देय है
(9)हड्डी टूटने पर 12000  रु  15 -21  दिन तक  कार्य करने में असमर्थता का प्रमाण पत्र देय है
(10)हड्डी टूटने पर 15000  रु  22 -29  दिन तक  कार्य करने में असमर्थता का प्रमाण पत्र देय है
(11)हड्डी टूटने पर 20000  रु  30  दिन या इससे अधिक कार्य करने में असमर्थता का प्रमाण पत्र देय है
(12)निर्माण श्रमिक की सामान्य मृत्यु होने पर 2,00000/-

लाभ लेने की प्रक्रिया -

(1) हिताधिकारी निर्माण श्रमिक की मृत्यु होने पर उसके नामिति/उत्तराधिकारी एवं घायल होने पर स्वयं हिताधिकारी संबंधित जिला श्रम कार्यालय में आवेदन (संलग्न प्रारुप) करेगा।
(2)
  (a)हिताधिकारी निर्माण श्रमिक की मृत्यु होने पर उसके नामिंत/उत्तराधिकारी को 10,000/-रु0 की अन्त्येष्टि सहायता आवेदन करने की दिनांक से 7 दिवस में दी जावेगी। यह राषि हिताधिकारी के आश्रित/नामिति को क्षतिपूर्ति के रूप मे दी जाने वाली राषि में से ही देय होगी। मृत्युु के उपरान्त संपन्न होने वाले सामाजिक रीतिरिवाजो एवं स्थानीय प्रथाओं के प्रति परिवार को जागरूक बनाए जाने को दृष्टिगत रखते हुए परिवार की परिस्थितियों पर विचार किया जाकर दुर्घटना में मृत्यु की दषा में देय क्षतिपूर्ति राषि को एफडी मे जमा करवाये जाने के बारे में श्रम विभाग के जिलास्तरीय कार्यालय मे पदस्थपित उच्चतम अधिकारी द्वारा विचार किया जायेगा।
  (b)मृत्यु की दषा में सहायता राषि जिस आश्रित/नामांकित व्यक्ति को देय है, उसके द्वारा इस आषय का एक शपथ-पत्र प्रस्तुत करना होगा कि प्राप्त राषि का उपयोग मृतक हिताधिकारी के सभी आश्रितों के हितार्थ किया जावेगा।
(3)हिताधिकारी के घायल होने पर सहायता राशि हिताधिकारी द्वारा आवेदन करने पर आवेदन  की पूर्तियां सही पाए जाने पर 7 दिवस में स्वीकृत कर दी जायेगी।
(4)हिताधिकारी की मृत्यु होने की दषा में सहायता प्राप्ति हेतु आवेदन मृत्य की तिथि से अधिकतम एक वर्ष की अवधि में स्वीकार्य होंगे। (अधिसूचना दिनांक 21.09.2015 द्वारा संष

पात्रता-

1 18 से 60 वर्ष की उम्र के निर्माण श्रमिक इस योजना के लिए पात्र होगें।
(2) हिताधिकारी निर्माण श्रमिक जिनका धारा 12 के अन्तर्गत मण्डल में पंजीयन हो चुका है और जो अपना अंशदान नियमित रुप से जमा करवा रहे है। हिताधिकारी की मृत्यु की दषा में, नियमित अंषदान जमा कराने की समय-सीमा में 3 माह की शिथिलता होगी। (अधिसूचना दिनांक 21.09.2015 द्वारा संषोधित)।


8.निर्माण श्रमिक औजार/टूलकिट सहायता योजना-

लाभ -

निर्माण श्रमिक द्वारा अपने कार्य या व्यवसाय से सम्बंधित औजार/टूलकिट खरीदने पर 2 हज़ार रुपये अथवा वास्तविक औजार/टूलकिट का क्रय मूल्य, जो भी कम हो, का पुनर्भरण

लाभ लेने की प्रक्रिया -

1 हिताधिकारी द्वारा योजना के अन्तर्गत निर्धारित आवेदन-पत्र (प्रपत्र-1) में आवेदन पत्र भरकर स्थानीय श्रम कार्यालय अथवा मण्डल सचिव द्वारा अधिकृत अन्य अधिकारी अथवा अन्य विभाग के अधिकारी के कार्यालय में निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करना होगा।
2  आवेदन पत्र ऑनलाइन भी प्रस्तुत किया जा सकेगा। 


पात्रता -

1. 3 वर्ष से पंजीकृत निर्माण श्रमिक हो|
2. स्वंय के कार्य या व्यवसाय से सम्बंधित टूलकिट/औजार खरीदने पर ही राशी देय|
3. औजार/टूलकिट की खरीद स्वंय निर्माण श्रमिक द्वारा की जाएगी तथा बिल आवेदन के   साथ सलंगन करना आवश्यक|


FORM-सभी योजनाओ के लिए एक ही फॉर्म है 





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